जीवनशैली

कोरोना के समय में घर में रहने के समय को उपयोगी और यादगार बनायें

बहुत सारी फिल्मों, जैसे विल स्मिथ द्वारा अभिनीत फिल्म "इंडिपेंडेंस डे", रोलैंड एमरिच की "द डे आफ्टर टुमॉरो" और कुछ हद तक "द डार्क नाइट राईजिज", जो क्रिस्टोफर नोलान की "डार्क नाइट ट्राईलॉजी" का शानदार फिल्मांकन थी, में हम देखते हैं कि समाज का एक बहुत बड़ा हिस्सा लॉकडाउन हो जाता है। मैं कभी-कभी इस बात पर आश्चर्य करता हूँ कि यदि मैं उस परिस्थिति में होता, तब क्या करता? क्या मैं लोगों की परिस्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास करता या फिर घबराहट में मर जाता? 

कोरोना वायरस के कारण सारे विश्व के लॉकडाउन हो जाने के साथ-साथ, हम उस 

प्रश्न का सामना समय से बहुत पहले कर रहे हैं, जिसमें वस्तु से अधिक उसके प्रभाव को देखा जाता है। लेकिन संसार नहीं रुका। बस एक कदम पीछे चला गया! 

कोरोना महामारी के प्रति भारत की प्रतिक्रिया उदाहरणात्मक रही है। यहाँ तक कि सरकार और समुदाय, जो कार्य कर रहे हैं, उसकी सराहना डब्ल्यू. एच. ओ. के प्रतिनिधियों ने भी की है। पूरा विश्व कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहा है और इसके फैलाव को रोकने का सबसे प्रभावशाली तरीका है- सामाजिक दूरी।

सरकारें और ऑफिस सामाजिक दूरी को सकारात्मक रूप में प्रोत्साहित करने के लिए घर बैठकर कार्य करने की अनुमति दे रहे हैं। इससे वे कर्मचारी जो पहले ही घर बैठकर कार्य करने की पॉलिसी के तहत कार्य कर रहे हैं, वे बहुत रोमांचित हैं। लेकिन,बहुत सारे लोगों के लिए घर बैठकर कार्य करना एक नया अनुभव है और उनके पास इससे संबंधित बहुत सारे प्रश्न हैं: 

कुछ प्रश्न इस प्रकार हैं:

  • मैं अपने कार्य और परिवार के बीच एक ही समय और स्थान पर किस प्रकार से संतुलन बनाए रखूँ?
  • मेरे पास बहुत सारा खाली समय है। इस समय में मैं क्या करूँ?
  • घर से कार्य करते समय, मैं अपनी उत्पादकता को किस प्रकार से बनाए रख सकता हूँ?

जब आप अगले कुछ हफ्तों तक घर से ही काम कर रहे हों और विश्व अपनी सामान्य गतिविधियों की ओर वापस लौट रहा हो, तो ये और कई प्रकार के प्रश्न आपके मन में उठ सकते हैं। हम सुझावों के साथ आपके इन प्रश्नों के उत्तर देंगे, ताकि यह समय आपके और आपके परिवार के लिए अधिक उत्पादक और आनंदमय बन सके।

सामाजिक दूरी : एक नया नियम

सामाजिक दूरी वह नियम है, जहाँ लोगों को तब तक घरों के अंदर रहने के लिए कहा जा रहा है,जब तक कि कोरोना वायरस से लड़ने वाली वैक्सीन का सकारात्मक परीक्षण ना हो जाए। इसके चलते बहुत सारे कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है और बहुत सारे लोग घर पर बैठकर ही काम कर रहे हैं। स्कूल बंद कर दिए गए हैं, खेल प्रतियोगिताओं को बंद या स्थगित कर दिया गया है, यात्राओं को बंद कर दिया गया है और यहाँ तक कि मॉल और सिनेमा घरों को भी बंद कर दिया गया है।

इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि पूरी पीढ़ी को कुछ असामान्य सा कार्य करने के लिए कहा गया है। अपनी गति को थोड़ा धीमा करें। बीसवीं सदी के अंत में, पूरे विश्व की गति धीमी हो गई है। और नई सदी के तीसरे दशक की शुरुआत होते ही, लोग इस प्रकार के दैनिक जीवन के आदी हो गए हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए अचानक सबकुछ ठहर जाना एक अलग ही अनुभव है।

ऐसे समय में, कोई व्यक्ति निराश, आलसी और व्यग्र हो सकता है। या फिर यह समय आपके लिए संसार से विरक्त हो जाने और उन बातों पर ध्यान केंद्रित करने का एक बहुत अच्छा अवसर है जो बहुत महत्वपूर्ण है। ये वे बातें हैं, जिनके बारे में बहुत सारी स्वयं-सहायता किताबों में परामर्श दिया गया है। लेकिन, हम सांसारिक कार्यों में बहुत अधिक व्यस्त रहते हैं।

घर बैठकर कार्य करने के अपने अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कुछ सुझाव

इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि घर से काम करने में समय की बहुत बचत होती है। ऑफिस आने-जाने के समय की बचत होती है। काम करते समय सहकर्मियों से हल्की-फुल्की बातचीत और चाय या कॉफी के मनोरम अंतराल, जो हम दोपहर के भोजन के अंतराल के अलावा भी लेते हैं, वह समय भी खाली रहता है। जब हम घर से काम करते हैं तो आपको बेड से हिलने की भी ज़रूरत नहीं है। (यद्यपि आज के समय में स्वच्छता बहुत आवश्यक है तो यह बहुत अच्छा होगा कि आप अपनी दैनिक सामान्य स्वच्छता को बनाए रखें।)

इस प्रकार से शुरुआत करें:

  • अपने उस शौक या जुनून को पूरा करें, जिसको पूरा करने का संकल्प आप नव वर्ष पर हमेशा करते थे। यह एक नई भाषा सीखना, नया वाद्य यंत्र बजाना सीखना, थोड़ी और किताबें पढ़ना या खाना बनाना सीखना हो सकता है। जो भी आप हमेशा से करना चाहते थे लेकिन ऑफिस के काम की वजह से नहीं कर पाए वह शौक पूरा करने का अब सबसे अच्छा समय है। संसार देर - सबेर अपनी सामान्य स्थिति में फिर से लौट आएगा। और यह आपके लिए एक अवसर है कि आप अपने लिए कुछ बेहतर हासिल कर सकते हैं। 
  • सरकारों ने यह सुनिश्चित किया है कि आवश्यक सामान बेचने वाली सभी राशन की दुकानें और स्थान खुले रहेंगे। यदि आप बाहर नहीं जाना चाहते हैं तो आप ज़रूरी सब्जियां वगैरह घर पर ही मँगा सकते हैं। यूट्यूब और बहुत कुछ सिखाने वाले चैनलों पर भाषाओं से लेकर भोजन बनाने तक के विडियोज़ की भरमार है। आप इनसे सीखकर इनमें कुशलता प्राप्त कर सकते हैं। 
  •  महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ - साथ बच्चों के साथ भी समय बितायें। बहुत सारे माता-पिता यह शिकायत करते हैं कि उनका और उनके बच्चों का शेड्यूल इतना व्यस्त है कि वे एकदूसरे के साथ समय नहीं बिता पाते हैं। अब इस समय में आप बच्चों के साथ समय बिता सकते हैं। इस समय में आप कुछ रचनात्मक कार्य कर सकते हैं, जो अन्य कार्यों की वजह से रुका हुआ था। जो लोग घर से कार्य कर रहे हैं और जिन्हें ऑफिस के समय पर कार्य करना है, वे अपने सहकर्मियों के साथ कुछ खेल और मनोरंजन के दिन निश्चित कर सकते हैं। जब तक आपका काम खत्म होता है, तब तक बच्चे अपने खेल खेलकर थक चुके होते हैं। कॉफी या गपशप के लिए समय निकालने के बजाय, आप बच्चों के साथ कुछ देर खेल सकते हैं। 
  • इस समय का उपयोग बच्चों को जीवन की कुशलताएँ सिखाने के लिए भी किया जा सकता है, जिनकी आवश्यकता उन्हें भविष्य में पड़ेगी। भोजन पकाना एक बहुत आवश्यक कुशलता है। यदि आप स्वयं भोजन पकाना नहीं जानते हैं, तो आप सीख सकते हैं और यह आपके और आपके बच्चे के लिए कुछ सीखने का बहुत अच्छा अनुभव रहेगा। यह समय बच्चे के साथ सुंदर स्मृतियों को बनाने का है कि वे इन्हें जीवन भर याद रखेंगे।

योग और ध्यान सीखने/करने में समय बिताएँ :

  • जैसा कि हमने पहले भी इस बात पर विचार - विमर्श किया था कि योग और ध्यान आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और कोरोना वायरस से बचाव में बहुत प्रभावशाली है। यह वह समय है, जिसमें आप स्वयं के साथ संतोषप्रद समय बिता सकते हैं। और योग एवम् ध्यान सुखद एवम् आनंददायक समय बिताने के दो सबसे अच्छे तरीके हैं। आजकल हमारी जीवनशैली ऐसी हो गई है कि यदि हम कोरोना वायरस के प्रभाव को निष्क्रिय नहीं करेंगे, तो निश्चित रूप से कुछ जीवनशैली से संबंधित बीमारियाँ हो जाएंगी। आपको जो अतिरिक्त खाली समय मिल रहा है, उसे योग और ध्यान सीखने एवम् अभ्यास करने में लगाएं। ऐसे बहुत सारे योगासन हैं, जो आपके स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं। और जिनकी ध्यान करने में रुचि है, वे कोई निर्देशित ध्यान कर सकते हैं। इनका अभ्यास करने से आप ऊर्जावान, तरोताजा रहेंगे और इस महामारी में भी सकारात्मक पक्ष को देख पाएंगे।
  • ये सारे सुझाव बहुत उपयोगी हैं,लेकिन कुछ परिस्थितियों में सामाजिक दूरी का निश्चय पालन करवाना आपके लिए एक खराब अनुभव हो सकता है। यह समझने योग्य बात है कि जब आप अपनी दैनिक दिनचर्या और जीवनशैली के आदी होते हैं, तब इसमें एक अनिश्चित समय के लिए अचानक परिवर्तन करना बहुत कठिन होता है। आप समझ नहीं पाते हैं और एक सामान्य दिन की कुछ मूर्खतापूर्ण शरारतें भी नहीं कर पाते हैं। धीरे-धीरे यह आपके मन को प्रभावित करने लगता है।

चाहे आप ऑफिस में काम कर रहे हों या फिर घर में आर्ट ऑफ लिविंग मेडिटेशन एंड ब्रेथ वर्कशॉप आपको वह उपकरण प्रदान करती है, जिससे आप घर और कार्यस्थल की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

 

जब आप विश्व के फिर से सामान्य गति से कार्य करने की प्रतीक्षा कर रहे हों, तब आपको किन चीज़ों से बचना चाहिए 

परिवार के सदस्यों पर गुस्सा ना करें :  

  • स्कूलों के बंद हो जाने और घर से काम करने की 

बाध्यता के चलते आपके अपने परिवार के सदस्यों और बच्चों के साथ अधिक समय बिताना पड़ सकता है। घर में थोड़ा अधिक शोरगुल हो सकता है और आपको अपने बच्चों/ माता-पिता पर थोड़ा अधिक ध्यान देना पड़ सकता है। अपने आसपास हो रहे शोरगुल के कारण आपको अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है। इससे आपका तनाव और निराशा बढ़ सकती है और आपके बच्चों या माता-पिता के सामने गलत तरीके से प्रकट होती है।

आपको स्वयं को लगातार यह याद दिलाने की आवश्यकता है कि सामाजिक दूरी को बनाए रखने की बाध्यता आपके स्वास्थ्य आपके प्रियजनों के स्वास्थ्य और बहुत बड़े स्तर पर सारे समाज के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। बहुत सारी कंपनियां सामान्य रूप से कार्य करने का प्रयास कर रही हैं, जितना कि वे कर सकती हैं, लेकिन महामारी की गंभीरता को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। तो ऐसे समय में अच्छी बातों पर सदैव ध्यान केंद्रित करें और छोटी - छोटी बातों पर अपना मूड खराब ना करें या अपनी ऊर्जा का हिरास ना होने दें।

  • किसी भी समय का भोजन ना छोड़ें : 

बहुत सारे लोग कंपनी में काम करते समय अपने मित्रों या सहकर्मियों के साथ भोजन करने के आदी होते हैं। घर से काम करने की बाध्यता के कारण आपको अपनी सामान्य दैनिक दिनचर्या में एक ब्रेक मिल सकता है। आप चाहे तो अपना भोजन थोड़ा देर से कर सकते हैं या फिर उस समय में अपना काम कर सकते हैं या थोड़ा सो सकते हैं और कभी-कभी आप उस समय का भोजन छोड़ भी देते हैं। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ने लगते हैं, वैसे-वैसे भोजन छोड़ देने की प्रवृत्ति के कारण आलस्य एवम् चिड़चिड़ापन शरीर में घुस जाता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम किसी भी समय का भोजन ना छोड़ें और यह भी सुनिश्चित कर लें कि ताज़ा और अच्छे से पका हुआ शाकाहारी भोजन ही खायें। यह हमारे प्रतिरोधक तंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। एक सुस्त मन आपके शरीर को भी सुस्त और कमजोर बना देता है तो आप यह सुनिश्चित कर लें कि किसी भी समय का भोजन ना छोड़ें।

  • खराब आदतें ना अपनाएँ : 

बहुत सारे लोगों में यह देखा गया है कि  निराश लोगों में हानिकारक आदतों को पकड़ने की प्रवृत्तियाँ, जैसे- शराब, सिगरेट पीना और ड्रग्स लेना, अधिक होती हैं। यहाँ तक कि पानी कम पीने की भी एक छोटी सी आदत के कारण आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है और इससे आपकी ऊर्जा कम हो जाती है और आप आलस्य महसूस करने लगते हैं। सामान्यतः, हम इन आदतों को दूर रहने के लिए अपने सामाजिक संबंधों को जिम्मेदार मानते हैं। पूरा विश्व एक चुनौती का सामना कर रहा है और आपको अपने हिस्से का कार्य करना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप और आपके आसपास रहने वाले लोग स्वस्थ रहें।

कोरोना वायरस वह पहला विश्वव्यापी संकट है, जिसका सामना आज की पीढ़ी कर रही है। इसके प्रति विश्व ने सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया दी है और भारत ने एक देश के रूप में भी उदाहारणात्मक कार्य किया है। समाज व्यक्ति से मिलकर बनता है और हम सबको अपने हिस्से का कार्य करना है, ताकि जल्दी से जल्दी स्थितियां सामान्य हो जाएं। ऊपर बताए गए सुझावों का अनुसरण करने से दैनिक जीवन की छोटी-छोटी समस्याएं आपको परेशान नहीं करेंगी, बल्कि ऐसे समय में भी आप बेहतरीन कार्य कर पाएंगे, जो आपने कभी सोचा था। 

इस ऐप की मदद से एक निर्देशित ध्यान करें और आप देखेंगे कि इससे आपकी ऊर्जा में वृद्धि होगी और आप अपने कार्यों में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। 

लेखक: सूरज दुसेजा

यह लेख गुरुदेव श्री श्री रविशंकर द्वारा दी गई निविष्टियों पर आधारित है।

@artofliving पर अपने वक्तव्य दें और @skduseja पर लेखक से संपर्क करें।

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